Last updated: May 9th, 2026 at 03:55 am

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी नतीजों के बाद जारी चर्चाओं के बीच आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करेगी और विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने कहा कि भाजपा के साथ जाने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लाइन पर काम करेगी और सत्ता पक्ष से दूरी बनाए रखेगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना के अनुसार काम करती है, तो उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन राजनीतिक स्तर पर भाजपा के साथ किसी समझौते की संभावना नहीं है।
इस दौरान हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विपक्षी एकता केवल बयानबाजी तक सीमित रही और कई बड़े नेता मैदान में सक्रिय नहीं दिखे।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर था, तब विपक्षी दलों के नेताओं को खुलकर समर्थन में उतरना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उस समय विपक्षी सहयोगी कहां थे।
हुमायूं कबीर ने अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के रिश्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दलों के बीच इतनी नजदीकी थी, तो फिर चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार क्यों उतारे गए।
उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब केवल नारों और आरोपों से संतुष्ट नहीं होने वाली। राज्य की राजनीति में अब नई दिशा और नए विकल्पों की जरूरत महसूस की जा रही है।
![]()
Comments are off for this post.