Last updated: May 19th, 2026 at 09:20 am

पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा के मामलों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। राज्य में चुनाव बाद दर्ज कई मामलों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
सैकड़ों मामलों की फिर से जांच
सूत्रों के मुताबिक अब तक 458 मामलों को पुनः जांच के लिए खोला गया है। इसके अलावा कई नई शिकायतों के आधार पर 181 नई FIR भी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में हत्या, मारपीट, धमकी और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
2021 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के कई जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। विपक्षी दलों ने उस समय बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमलों का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
इन मामलों को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने गंभीर मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने का आदेश दिया था। बाद में राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रिम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।
हुगली में कार्रवाई, तीन नेता गिरफ्तार
जांच दोबारा शुरू होने के बाद पुलिस कार्रवाई भी तेज हो गई है। हुगली जिले में भाजपा समर्थकों के साथ कथित मारपीट और धमकी के मामले में पुलिस ने TMC से जुड़े तीन स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा में सक्रिय भूमिका निभाई थी। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और सबूतों की भी जांच कर रही है।
राजनीतिक माहौल फिर गरमाया
मामलों की नई जांच शुरू होने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का केंद्र बन सकता है।
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