Last updated: May 19th, 2026 at 09:32 am

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक चुनावी मुकाबले से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्रचार के आखिरी दिन लिया बड़ा फैसला
चुनाव प्रचार खत्म होने से कुछ घंटे पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहांगीर खान ने कहा कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की ओर से फलता क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया या व्यक्तिगत स्तर पर।
सीएम शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में समर्थन की कमी के कारण उम्मीदवार पीछे हटे हैं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
चुनावी नियमों के चलते EVM में रहेगा नाम
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नामांकन वापसी की समयसीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जहांगीर खान का नाम और चुनाव चिह्न ईवीएम में बना रहेगा, भले ही उन्होंने सक्रिय चुनावी मुकाबले से दूरी बना ली हो।
भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह
इस बीच फलता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रोड शो के दौरान भाजपा समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने जुलूस के दौरान जश्न मनाते हुए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान से ठीक पहले आया यह घटनाक्रम उपचुनाव के समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है।
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