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वायरल VIDEO केस में बढ़ीं अनंत सिंह की मुश्किलें, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

बिहार के चर्चित नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं।
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बिहार के चर्चित नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। हथियार प्रदर्शन और वायरल वीडियो मामले में उन्हें अब तक अदालत से राहत नहीं मिल पाई है। गोपालगंज की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख 25 मई तय की है।

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    यह मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक उपनयन संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है। समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग कथित तौर पर हथियार लहराते और मंच के पास डांस करते दिखाई दिए थे। वीडियो में अश्लील नृत्य और पैसे उड़ाने जैसे दृश्य भी चर्चा में आए थे।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी गायक और अभिनेता गुंजन सिंह समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हुई।

    अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि वायरल वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश किया गया है। वकीलों ने दलील दी कि अनंत सिंह और अन्य आरोपियों को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। वहीं पुलिस की ओर से कहा गया कि मामले की जांच अभी जारी है और हथियारों की बैलिस्टिक जांच बेहद जरूरी है।

    पुलिस ने यह भी बताया कि विधायक को जांच में शामिल होने और हथियारों के लाइसेंस के साथ उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन तय समय तक वह जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुए। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत से सख्त रुख अपनाने की मांग की।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी अदालत ने अनंत सिंह को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था। अब लगातार तीसरी सुनवाई के बाद भी फैसला सुरक्षित रखे जाने से उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

    बताया जा रहा है कि 2 और 3 मई को आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया और विपक्ष ने सरकार तथा प्रशासन पर सवाल उठाए।

    अब सबकी निगाहें 25 मई को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अदालत का फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की दिशा तय करेगा।

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