Last updated: May 22nd, 2026 at 05:48 am

पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि अब राज्य में पकड़े जाने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को अदालत में पेश करने के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा जाएगा।
हावड़ा में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार अब “Detect, Delete and Deport” नीति के तहत कार्रवाई तेज करेगी। इसका उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें सीमा पार वापस भेजना है।
उन्होंने कहा कि यदि हावड़ा रेलवे स्टेशन या राज्य के किसी अन्य इलाके में कोई संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा जाता है और वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे में नहीं आता है, तो उसे हिरासत में लेकर सीधे BSF को सौंपा जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि पकड़े गए लोगों को जरूरी भोजन और प्राथमिक सुविधाएं देने के बाद पेट्रापोल या बशीरहाट बॉर्डर पोस्ट के जरिए सीमा सुरक्षा बल को हस्तांतरित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हर सप्ताह पकड़े गए घुसपैठियों का विस्तृत रिकॉर्ड राज्य सरकार को भेजने का आदेश भी दिया है। इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों में निगरानी और अभियान बढ़ाने की बात कही गई है।
इसी बैठक में हावड़ा शहर के विकास, जल निकासी, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। सरकार ने शहर के लिए एक समन्वय समिति बनाने का फैसला लिया है, जो विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाकर विकास कार्यों की निगरानी करेगी।
इसके अलावा हावड़ा नगर निगम चुनाव जल्द कराने, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।
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