Last updated: May 24th, 2026 at 02:24 pm

तमिलनाडु की राजनीति में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा Vijay और उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam को लेकर हो रही है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को नई चुनौती दी है।
तमिलनाडु लंबे समय से क्षेत्रीय दलों की राजनीति का केंद्र रहा है। राज्य में मुख्य मुकाबला आमतौर पर Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के बीच देखा जाता रहा है। लेकिन इस बार विजय की पार्टी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया।
चुनाव प्रचार के दौरान विजय की रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिली। खासकर युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी मजबूत नजर आई। सोशल मीडिया पर भी TVK लगातार ट्रेंड करती रही। पार्टी ने रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विजय ने खुद को पारंपरिक नेताओं से अलग दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने बदलाव और नई राजनीति की बात करते हुए युवाओं को जोड़ने की रणनीति अपनाई। यही वजह रही कि पहली बार वोट डालने वाले कई युवा मतदाता पार्टी की ओर आकर्षित हुए।
हालांकि पार्टी पहली बार बड़े चुनावी स्तर पर मैदान में उतरी, लेकिन उसने कई इलाकों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इससे साफ संकेत मिला कि तमिलनाडु में अब तीसरे राजनीतिक विकल्प की संभावना बढ़ रही है।
उधर राज्य की पारंपरिक पार्टियों ने भी TVK के उभार को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय अपनी पार्टी के संगठन को मजबूत करने में सफल रहते हैं, तो आने वाले वर्षों में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेनिंग में भी TVK ने काफी आक्रामक रणनीति अपनाई। पार्टी के वीडियो, भाषण और प्रचार अभियान लगातार वायरल होते रहे। युवा वर्ग के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए मजबूत पहुंच बनाना पार्टी की बड़ी ताकत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण भारत में फिल्म सितारों का राजनीति में प्रभाव पहले भी देखा गया है। तमिलनाडु में कई अभिनेता सफल राजनीतिक नेता बने हैं। ऐसे में विजय की राजनीतिक यात्रा को भी काफी अहम माना जा रहा है।
हालांकि पार्टी के सामने कई चुनौतियां भी हैं। संगठन विस्तार, जमीनी स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करना और लंबे समय तक राजनीतिक सक्रियता बनाए रखना TVK के लिए बड़ी परीक्षा होगी। विपक्षी दलों का कहना है कि केवल लोकप्रियता के आधार पर राजनीति में लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं होता।
फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में विजय और उनकी पार्टी की चर्चा लगातार बनी हुई है। आने वाले समय में TVK राज्य की राजनीति में कितनी बड़ी ताकत बनती है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
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