Last updated: May 25th, 2026 at 02:14 pm

भारतीय शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह की शुरुआत में ही निवेशकों के मजबूत खरीदारी रुख के चलते BSE Sensex में 1000 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि NSE Nifty 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की बढ़ती खरीदारी भारतीय बाजार में तेजी की प्रमुख वजह रही। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला।
कारोबार के दौरान Sensex ने शुरुआती घंटों में ही तेज बढ़त बना ली थी। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी के कारण बाजार लगातार ऊंचाई पर बना रहा। निवेशकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की सक्रियता ने भी बाजार को मजबूती दी।
बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। कई बड़े निजी और सरकारी बैंकों के शेयर मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी, जिससे टेक सेक्टर को फायदा मिला।
ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू मांग बढ़ने और त्योहारी सीजन से पहले उत्पादन गतिविधियों में तेजी के संकेतों ने ऑटो कंपनियों के शेयरों को समर्थन दिया है।
हालांकि विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। उनका कहना है कि बाजार में तेजी के बावजूद वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर नजर रखना जरूरी होगा।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेश लगातार बना रहता है और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भी बाजार को समर्थन दे रहे हैं।
इस बीच छोटे निवेशकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और SIP निवेश के कारण शेयर बाजार में नए निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि बाजार में सकारात्मक माहौल का असर रिटेल निवेशकों पर भी दिखाई दे रहा है।
फिलहाल शेयर बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी।
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