Last updated: May 27th, 2026 at 05:48 am

बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में हैं। गोपालगंज पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ गंभीर धाराएं जोड़ने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस का दावा है कि मामले में सिर्फ हथियार प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि संगठित गतिविधियों और सामाजिक तनाव फैलाने जैसे पहलू भी सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने कोर्ट से BNS की धारा 111 और 196 जोड़ने की अनुमति मांगी है। इन धाराओं को गंभीर और गैर-जमानती माना जाता है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर अदालत इन धाराओं को स्वीकार कर लेती है, तो विधायक की कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
फिलहाल मामले में MP-MLA कोर्ट ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर 30 मई तक रोक लगा रखी है। अगली सुनवाई भी इसी तारीख को होनी है। ऐसे में अब सबकी नजर कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
विधायक पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अनंत सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि बिना ठोस सबूत के उनके मुवक्किल को मामले में घसीटा जा रहा है। बचाव पक्ष का दावा है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत की जा रही है।
पूरा मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में कथित तौर पर हथियारों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामला दर्ज किया गया।
इस केस में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी और सामाजिक तनाव का माहौल बन सकता था।
जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित लोगों को हथियार और लाइसेंस के साथ जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी जारी किया था। हालांकि तय समय तक कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले को और गंभीर मानते हुए नई धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बिहार की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हैं। एक ओर विपक्ष कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, तो वहीं समर्थक इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं। अब आने वाली कोर्ट सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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