Last updated: May 29th, 2026 at 03:08 pm

केंद्र सरकार ने “विकसित भारत 2047” मिशन को लेकर अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में राज्यों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और आर्थिक लक्ष्यों पर चर्चा की। सरकार का उद्देश्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों, नीति विशेषज्ञों और केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समीक्षा के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार, औद्योगिक निवेश, शिक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया। सरकार का कहना है कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि भारत तेजी से वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और अगले दो दशकों में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम करना जरूरी है। उन्होंने राज्यों को निवेश आकर्षित करने, प्रशासनिक सुधार और रोजगार सृजन पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
सरकार “डिजिटल इंडिया”, “मेक इन इंडिया”, “गति शक्ति” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं को विकसित भारत मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। केंद्र का दावा है कि हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल नेटवर्क में तेजी से हो रहे निवेश से भारत की आर्थिक क्षमता मजबूत हो रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए भारत को विनिर्माण, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की जरूरत होगी। विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती और अवसर दोनों साबित हो सकते हैं।
सरकार से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी विकास मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई राज्यों में औद्योगिक कॉरिडोर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।
हालांकि विपक्षी दलों ने सरकार के “विकसित भारत 2047” विजन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान किए बिना बड़े विजन सफल नहीं हो सकते। विपक्ष ने सरकार से सामाजिक असमानता और रोजगार के मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “विकसित भारत 2047” केवल आर्थिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भाजपा सरकार का दीर्घकालिक राजनीतिक और राष्ट्रीय विजन भी है। सरकार इस अभियान के जरिए विकास, राष्ट्रवाद और तकनीकी प्रगति को एक साथ जोड़कर पेश कर रही है।
इस बीच उद्योग जगत और व्यापार संगठनों ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल निवेश पर सरकार के फोकस का स्वागत किया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो भारत वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र बन सकता है।
फिलहाल केंद्र सरकार “विकसित भारत 2047” मिशन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े विकास अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। आने वाले समय में राज्यों की भूमिका और जमीनी स्तर पर योजनाओं के परिणाम इस मिशन की सफलता तय करेंगे।
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