Last updated: July 20th, 2026 at 12:16 pm

बिहार के मॉडल स्कूलों के रंग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, न कि किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश देना।
मानसून सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि भगवा रंग भारतीय संस्कृति में समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी रंग को राजनीतिक दृष्टि से देखने के बजाय उसके सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को समझने की आवश्यकता है।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार राज्य के मॉडल स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उनका दावा है कि विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे उन्हें 24 घंटे शैक्षणिक सहायता और ऑनलाइन मार्गदर्शन मिल सके।
विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अपने शिक्षा सुधार कार्यक्रमों को जारी रखेगी और केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर अपनी योजनाओं में बदलाव नहीं करेगी। उन्होंने विपक्ष पर शिक्षा से जुड़े सकारात्मक प्रयासों का विरोध करने का भी आरोप लगाया।
शिक्षक भर्ती को लेकर उन्होंने बताया कि टीआरई-4 प्रक्रिया की तैयारी अंतिम चरण में है। विभाग को 25 जुलाई तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके बाद किसी भी समय भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अधियाचना जारी की जा सकती है।
इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने कहा कि 29 जुलाई से शिक्षकों के तबादले के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृत नई ट्रांसफर नीति के तहत चरणबद्ध तरीके से डेढ़ से दो महीने के भीतर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
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