Last updated: June 6th, 2026 at 07:14 am

चेन्नई, 6 जून। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से अलग होने के बाद अपने नए राजनीतिक आंदोलन ‘इधु नम्मा इयक्कम’ की शुरुआत कर दी है। अन्नामलाई का दावा है कि लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर इस पहल को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला है।
जानकारी के अनुसार, के. अन्नामलाई ने पहले ही भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और अब उन्होंने आधिकारिक रूप से अपने नए राजनीतिक मंच की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया के जरिए जारी अपने संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य एक स्वतंत्र राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना है, जो भविष्य में राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि उनकी पार्टी आगामी वर्षों में संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगी और 2031 के विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी करेगी।
नए संगठन को लेकर अन्नामलाई ने दावा किया है कि शुरुआत के केवल 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इससे उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष रहे करु नागराजन ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर अन्नामलाई के साथ जुड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी नए राजनीतिक मंच का समर्थन करने की तैयारी में हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ही अन्नामलाई के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब नई पार्टी की घोषणा के साथ उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ‘इधु नम्मा इयक्कम’ तमिलनाडु की राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ पाता है और क्या यह राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर सकेगा।
![]()
Comments are off for this post.