Last updated: June 6th, 2026 at 07:11 am

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन में इस्तेमाल किए जा रहे बाहरी डिजिटल प्लेटफॉर्म को हटाकर पूरी प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में संचालित करने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए एक थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया था। हालांकि, मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सामने आई शिकायतों और तकनीकी चिंताओं के बाद CBSE ने पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
बोर्ड का कहना है कि री-इवैल्यूएशन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को सीधे अपने सिस्टम और सर्वरों के माध्यम से संचालित करना अधिक सुरक्षित और पारदर्शी रहेगा। इसी वजह से अब पुनर्मूल्यांकन से जुड़ा पूरा डेटा और संचालन CBSE के आंतरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू हो सकती है। इसके लिए बोर्ड आवश्यक तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन से जुड़ी कुछ विसंगतियों और तकनीकी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की और सुरक्षा तथा विश्वसनीयता को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया।
CBSE का मानना है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अपने प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने से छात्रों का भरोसा और मजबूत होगा तथा मूल्यांकन संबंधी प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
बोर्ड की ओर से जल्द ही री-इवैल्यूएशन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश और समय-सारणी जारी किए जाने की संभावना है, जिससे छात्रों को आवेदन प्रक्रिया और आगे की कार्यवाही की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
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