Last updated: June 7th, 2026 at 07:33 am

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्य सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा श्रेणी में कटौती किए जाने के बाद विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राजद सांसद मनोज झा ने सरकार के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने लंबे समय तक राज्य और देश की सेवा की है, उनकी सुरक्षा में कमी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सुरक्षा देने में पीछे हटती है, तो जनता अपने नेताओं के साथ खड़ी रहेगी। मनोज झा ने यह भी कहा कि पार्टी को सरकारी सुरक्षा से अधिक जनता के समर्थन पर भरोसा है।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया और अतिरिक्त सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। इस कदम को राजद ने राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा है।
वहीं, राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके पुत्र निशांत कुमार को मिली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि एक ओर विपक्षी नेताओं की सुरक्षा कम की जा रही है, जबकि दूसरी ओर सत्ताधारी पक्ष से जुड़े लोगों को उच्च श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
राजद की ओर से जारी बयान में सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने कहा कि सुरक्षा संबंधी फैसले राजनीतिक आधार पर नहीं बल्कि निष्पक्ष मानकों के अनुसार होने चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
![]()
Comments are off for this post.