Last updated: June 7th, 2026 at 07:29 am

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने धार्मिक विश्वास और व्यक्तिगत पहचान को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखा है। हाल ही में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हिंदू परंपराओं का पालन करने को लेकर उठे सवालों के बीच उन्होंने कहा कि अपनी आस्था और पहचान को छोड़ना उनके लिए संभव नहीं है।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म और ईश्वर के प्रति विश्वास व्यक्ति का निजी विषय है, जिसे राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि धार्मिक परंपराओं का पालन उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा का हिस्सा है और इसका किसी राजनीतिक संदेश से कोई संबंध नहीं है।
शिवकुमार ने कहा कि वह सभी धर्मों और उनके अनुयायियों का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, चाहे कोई भी धर्म हो, उसका उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ना और सकारात्मक दिशा देना होता है। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने या जीवन के बड़े अवसरों पर लोग अपने-अपने धर्म के अनुसार आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने भी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले विभिन्न धार्मिक नेताओं और आध्यात्मिक गुरुओं का आशीर्वाद लिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और इसे केवल आलोचनाओं या राजनीतिक बहस के कारण नहीं बदला जा सकता। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार सभी धर्मों और समुदायों के प्रति समान सम्मान और संवेदनशीलता के साथ काम करेगी।
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