Last updated: June 7th, 2026 at 09:32 am

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों नेताओं की ‘Z+’ सुरक्षा श्रेणी वापस लिए जाने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुरक्षा से जुड़े फैसले सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इन्हें पूरी तरह से सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस निर्णय से असहमति है तो उसे अपनी बात शांति और शालीनता के साथ सरकार के समक्ष रखना चाहिए।
मांझी ने यह भी कहा कि इस तरह के मुद्दों पर विरोध या आंदोलन करने की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना अधिक उचित होता है। उनके अनुसार, सरकार सभी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है और आवश्यकतानुसार उसमें बदलाव भी करती है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हाल ही में समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा श्रेणी समाप्त कर दी है। इसके साथ ही पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव की ‘Y’ श्रेणी सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय सुरक्षा समीक्षा बैठक में लिए गए निष्कर्षों के बाद लागू किया गया है।
वहीं, इस फैसले को लेकर राजद ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम बदले की भावना से प्रेरित है, जबकि सरकार इसे पूरी तरह प्रशासनिक और सुरक्षा समीक्षा आधारित निर्णय बता रही है।
इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और बयान सामने आने की संभावना है।
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