Last updated: June 7th, 2026 at 09:50 am

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सुरक्षा हटाए जाने के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दूसरे दिन भी बनी रही।
रविवार को भी पार्टी के कई नेता, जिनमें प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, पूर्व विधायक डॉ. अनवर आलम, कुमार राय, और उपेंद्र चंद्रवंशी शामिल रहे, आवास परिसर में मौजूद दिखे। इस दौरान परिसर में सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति भी देखी गई, जिस पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
राजद नेताओं का आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है और सुरक्षा व्यवस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इस बीच राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव एक बड़े जननेता हैं और उनकी सुरक्षा में कटौती करना सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि जनता खुद अपने नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और इस निर्णय का राजनीतिक परिणाम सामने आएगा।
सुरक्षा हटाए जाने के बाद राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया था। इसके बाद से 10 सर्कुलर रोड पर राजनीतिक गतिविधियां और बयानबाजी तेज हो गई हैं।
इधर, कुछ देर के लिए आवास परिसर में सन्नाटा देखने को मिला, लेकिन शाम होते-होते कई विधायक और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जताया।
राजद नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई बदले की राजनीति का हिस्सा है, जबकि सरकार की ओर से इसे सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया गया प्रशासनिक निर्णय बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर बिहार की सियासत में टकराव जारी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है।
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