Last updated: June 8th, 2026 at 04:57 am

बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सोमवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है, जिसके तहत एनडीए और महागठबंधन के सभी प्रमुख उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र जमा करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एनडीए के उम्मीदवार सुबह नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि महागठबंधन के प्रत्याशी दोपहर बाद अपना पर्चा भरेंगे। इस चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होना है और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
एनडीए ने कुल 9 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) ने चार-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जबकि एक सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
भाजपा की ओर से संजय मयूख, पवन सिंह, शीला पंडित और अनिल कुमार ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं जदयू ने निशांत कुमार, भारती मेहता, ललन मंडल और शिवरानी देवी प्रजापति को मौका दिया है। एलजेपी (आर) ने अशरफ अंसारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
दूसरी ओर, महागठबंधन की तरफ से राजद के उम्मीदवार के रूप में सुनील सिंह का नाम चर्चा में है। हालांकि पार्टी की ओर से अंतिम घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो इस चुनाव में एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में उसके पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण अधिकांश सीटों पर उसकी जीत की संभावना जताई जा रही है। वहीं महागठबंधन एक या दो सीटों पर कड़ी चुनौती देने की कोशिश में है।
इस बीच मंत्री दीपक प्रकाश को टिकट नहीं मिलने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। चूंकि वे वर्तमान में किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए निर्धारित समय सीमा के भीतर सदस्यता हासिल करना उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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