Last updated: June 18th, 2026 at 04:54 am

पटना में चर्चित प्रिंस यादव मौत मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में लिखित आवेदन देकर खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर समेत कई लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
रौशन आनंद ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की मौत एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया और जेल के भीतर भी उनकी जान को खतरा पैदा किया गया।
आवेदन के मुताबिक, 2 जून 2026 की रात मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित दोनों कोचिंग संस्थानों के कर्मचारियों के बीच पोस्टर हटाने को लेकर विवाद हुआ था। रौशन आनंद का कहना है कि उस समय न तो वह स्वयं और न ही उनके भाई प्रिंस यादव मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद बाद की घटनाओं में उन्हें निशाना बनाया गया।
उन्होंने फैजल खान, डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह और अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। रौशन आनंद ने कहा कि जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने अपने भाई का अंतिम संस्कार किया और इसके बाद न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचे।
रौशन आनंद और उनके वकील का आरोप है कि घंटों थाने में बैठने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि जब तक मामला दर्ज नहीं होगा, तब तक वे न्याय की मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
इस बीच, रौशन आनंद ने प्रिंस यादव की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर छात्रों ने भी उनका समर्थन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है और यह देखना अहम होगा कि शिकायत के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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