Last updated: June 25th, 2026 at 03:21 am

श्रीनगर में मुहर्रम की आठवीं तारीख के अवसर पर बुधवार सुबह पारंपरिक शोक जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शहर के प्रमुख मार्गों पर काले झंडे और शोक संदेशों वाले बैनर लगाए गए, जिससे पूरा इलाका श्रद्धा और गम के माहौल में डूबा नजर आया।
पारंपरिक गुरु बाजार से डालगेट तक निकलने वाले इस जुलूस में कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों लोग शामिल हुए। सुबह शुरू हुआ यह जुलूस निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए आगे बढ़ा, जहां श्रद्धालु कर्बला के शहीदों की याद में शोक रस्में अदा करते दिखाई दिए।
जुलूस मार्ग पर लोगों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर सबील, चिकित्सा शिविर और स्वयंसेवकों द्वारा संचालित सेवा केंद्र लगाए गए थे। इन केंद्रों पर पानी, जलपान और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। रास्ते भर धार्मिक और शोक संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
प्रतिभागियों ने इस आयोजन को केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और इंसानियत के संदेश को याद करने का अवसर बताया। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह दिन समुदाय को एकजुट करने और कर्बला की सीख को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, ड्रोन निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, मेडिकल सहायता और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। इसके साथ ही विभिन्न इलाकों से आने वाले लोगों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था भी की गई।
अधिकारियों के अनुसार, आयोजन के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित रहीं और जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में आगे बढ़ता रहा। स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में सड़कों के किनारे खड़े होकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन में सहयोग दिया।
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