Last updated: June 26th, 2026 at 02:52 am

संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर बिहार सरकार के कृषि मंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दौर बताते हुए कहा कि उस समय सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया था।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 25 जून 1975 की रात देश के इतिहास में एक ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज है, जब आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी। उनके अनुसार, विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं को जेल भेजा गया, प्रेस की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज संविधान की रक्षा की बात करने वाली पार्टी को पहले आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं पर देश के सामने जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, उस समय संविधान के प्रावधानों का उपयोग राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए किया गया था, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना प्रभावित हुई।
कृषि मंत्री ने कहा कि आपातकाल के विरोध में सबसे मजबूत आवाज बिहार से उठी थी। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जनआंदोलन ने लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देशभर के युवाओं एवं नागरिकों को एकजुट किया।
विजय कुमार सिन्हा ने आपातकाल के दौरान जेलों में बंद रहे लोकतंत्र सेनानियों और मीसा बंदियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि देश हमेशा उनके साहस और त्याग का सम्मान करता रहेगा।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 25 जून केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराने का अवसर भी है।
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