Last updated: June 26th, 2026 at 03:32 am

बिहार में नीट पुनर्परीक्षा (NEET Re-Exam) से जुड़े मामलों की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने लखीसराय में दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर की विस्तृत जांच के लिए 12 सदस्यीय विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम का उद्देश्य पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर तथ्यों को सामने लाना है।
अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की कमान डीआईजी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। टीम में एक पुलिस अधीक्षक (SP), पांच पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और पांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह विशेष टीम अब किऊल और कवैया थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाएगी।
जांच शुरू होने के साथ ही एसआईटी ने अब तक दर्ज एफआईआर, पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा की है। अधिकारियों ने मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड का विश्लेषण कर आगे की जांच की रणनीति तैयार की है।
EOU की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुनर्परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका रही, क्या परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई और क्या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क या साजिश के संकेत मौजूद हैं। इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों के आपसी संपर्क, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि पहले भी मामले की जांच चल रही थी, लेकिन एसआईटी के गठन के बाद जांच को अधिक व्यवस्थित और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। विशेष टीम पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते हुए प्रत्येक पहलू की गहराई से पड़ताल करेगी।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा से जुड़े मामलों को लेकर पूरे देश में लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में बिहार के लखीसराय में दर्ज इन मामलों की जांच पर भी सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल जांच एजेंसी ने संबंधित अधिकारियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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