Last updated: June 26th, 2026 at 06:15 am

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटाए जाने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। इस निर्णय को लेकर कई स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे लेकर विभिन्न मंचों पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को लेकर राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल से लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC), प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य उच्च स्तरीय संस्थानों तक शिकायत भेजी गई है। शिकायत में इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने और मुआवजे की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पीएमसीएच में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने अस्पताल में कथित अनियमितताओं और उपकरणों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने लाई थी। इसी के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की गई। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम उठाए जाने के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया।
इधर, हटाए गए प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें बिना उचित प्रक्रिया के पद से हटाया गया और उनके साथ अन्याय हुआ है।
शिकायत में 100 करोड़ रुपये के मुआवजे, तत्काल बहाली और कथित रूप से हुई प्रतिष्ठा क्षति के लिए सार्वजनिक माफी की भी मांग की गई है। हालांकि, सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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