Last updated: June 18th, 2026 at 05:56 am

टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक पुराने मामले में उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब संबंधित अदालत के आदेश के अनुसार गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, इस मामले में आगे कानूनी विकल्प भी खुले हुए हैं और अभिषेक बनर्जी राहत के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
यह मामला करीब छह साल पुराना है, जो एक राजनीतिक बयान से जुड़ा हुआ बताया जाता है। आरोप है कि वर्ष 2020 में कोलकाता में एक जनसभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ भोपाल स्थित MPMLA कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अभिषेक बनर्जी ने इस पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि वे एक मौजूदा सांसद हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं, इसलिए गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पहले दिए गए स्टे को हटाते हुए साफ कर दिया है कि निचली अदालत का आदेश प्रभावी रहेगा।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कानूनी प्रक्रिया के अगले कदम पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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