Last updated: June 18th, 2026 at 05:59 am

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) के भीतर मचे सियासी हलचल के बीच AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट में हुई टूट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “शिकारी नया है, लेकिन जाल पुराना ही है।”
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि UBT के कुछ सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में जाने की चर्चा है और इससे पहले भी कई सांसदों के दल बदलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बड़े पैमाने पर नेता एक पार्टी से दूसरी पार्टी में क्यों जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति पर सभी राजनीतिक अस्थिरता का ठीकरा नहीं फोड़ा जा सकता। उनके अनुसार यह स्थिति लंबे समय से चल रही राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
गौरतलब है कि हाल ही में शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने अलग गुट बनाकर शिंदे गुट के साथ जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विलय की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद उद्धव ठाकरे गुट के पास अब सीमित संख्या में सांसद बचे हैं।
इन सांसदों में कुछ प्रमुख नामों की चर्चा भी सामने आई है, हालांकि एक सांसद ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज किया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह नया घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पहले भी शिवसेना में बड़ा विभाजन हो चुका है। वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक अलग हो गए थे, जिसके बाद राज्य की सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गया था। ओवैसी की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर दल-बदल और पार्टी टूट की प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।
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