Last updated: November 4th, 2026 at 11:52 am

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने की मंजूरी दी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी।
इस फैसले से उन अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रखने का एक और अवसर मिलेगा, जिन्हें मौजूदा व्यवस्था के तहत चार साल बाद वापस नागरिक जीवन में लौटना था। अतिरिक्त दो साल की अवधि के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक वेतन और भत्ते भी दिए जाएंगे।
पहले 25% को मिलता था नियमित सेवा का मौका
14 जून 2022 को शुरू की गई अग्निपथ योजना के मूल प्रावधानों के मुताबिक, अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित की गई थी। इस अवधि के पूरा होने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर मिलता था। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत जवानों को सेवा पूरी कर नागरिक जीवन में लौटना पड़ता था।
अब सरकार ने इसी व्यवस्था में बदलाव करते हुए बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का प्रावधान किया है। इससे उनका कुल सेवा कार्यकाल छह साल तक हो सकेगा।
दो साल बाद नियमित भर्ती के लिए फिर मिलेगा मौका
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के मुताबिक, अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को एक और अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन मानदंडों पर खरा उतरना होगा।
यानी अतिरिक्त सेवा अवधि मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति अपने आप हो जाएगी। नियमित सेवा में शामिल होने के लिए चयन प्रक्रिया और तय मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।
अग्निवीरों के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया फैसला
जनरल राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना में शुरुआत से ही जवानों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन करने और समय-समय पर योजना की समीक्षा करने का प्रावधान था। पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के कामकाज को लेकर मिले फीडबैक को सकारात्मक बताया गया है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। नई व्यवस्था से अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में लंबे समय तक सेवा जारी रखने और नियमित भर्ती के लिए दोबारा प्रयास करने का अवसर मिलेगा।
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