Last updated: July 16th, 2026 at 11:06 am

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में एआईएमआईएम (AIMIM) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
एआईएमआईएम के प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनसे संवाद की पहल नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
शादाब चौहान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के सामने अपने सुझाव और चिंताएं रखना चाहता है, तो उससे बातचीत की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के पास विदेश यात्राओं के लिए समय है, लेकिन सोनम वांगचुक से मिलने का समय नहीं है।
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को शिक्षा नीति और उससे जुड़े मामलों पर व्यापक संवाद करना चाहिए।
शादाब चौहान ने कहा कि इस मुद्दे पर कौन-सा राजनीतिक दल समर्थन कर रहा है या नहीं, यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल नहीं है। उनके अनुसार, प्राथमिकता इस बात की होनी चाहिए कि सरकार आंदोलन कर रहे व्यक्ति की बात सुने और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान तलाशे।
उधर, सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है। उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है और इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
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