Last updated: July 18th, 2026 at 11:28 am

जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटनाक्रम पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने की घटना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर देश और विदेश में लोगों की नजर है और सरकार की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सपा प्रमुख ने मांग की कि कार्रवाई में शामिल अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का उपचार पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनके अनुसार, वांगचुक का योगदान शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण रहा है।
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाएं देश की लोकतांत्रिक छवि को प्रभावित करती हैं।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम चिकित्सकीय सलाह और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया, जबकि विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
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