Last updated: July 18th, 2026 at 11:31 am

जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम इस अधिकार पर सवाल खड़े करता है।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और हाल ही में पुलिस आयुक्त के बदलाव के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। उनके मुताबिक यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सख्ती की जा रही है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को ऐसे प्रदर्शनों को कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनाने के बजाय संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई चिकित्सकीय सलाह और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम प्रदर्शनकारी की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
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