Last updated: June 6th, 2026 at 07:08 am

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सार्वजनिक भाषा, राजनीतिक शैली और उनके राजनीतिक सफर को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की भाषा और व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की हालिया टिप्पणियां और भाषणों की भाषा राजनीतिक गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व और व्यवहार को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की भाषा उसके संस्कार और सोच को दर्शाती है। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुरुआती जीवन और राजनीतिक सफर का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि गोरखनाथ मठ में उत्तराधिकार की प्रक्रिया किस आधार पर तय की गई थी और बाद में राजनीति में मिली जिम्मेदारियों के पीछे क्या कारण रहे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के राजनीतिक उत्थान और विभिन्न पदों तक पहुंचने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की।
अपने बयान में अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को पद और पहचान मिल सकती है, लेकिन उसकी भाषा और व्यवहार ही उसकी वास्तविक छवि को सामने लाते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब राजनीतिक भाषणों के बजाय काम और जवाबदेही चाहती है।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या भाजपा की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
![]()
Comments are off for this post.