Last updated: July 29th, 2026 at 01:06 pm

लोकसभा से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर के छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार अब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक सख्त रुख अपनाएगी।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है, ताकि छात्रों के सपनों और मेहनत की रक्षा की जा सके।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बुधवार को लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद यह संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को प्राथमिकता दी गई।
वहीं, लोकसभा में पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा तथा गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और अध्यक्ष के निर्देश पर अमित शाह से जुड़े कुछ विवादित बयान कार्यवाही से हटा दिए गए।
सरकार का कहना है कि नया कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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