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जेडीयू पर फिर बरसे आनंद मोहन, पार्टी में ‘गिरोह संस्कृति’ और दलाली के आरोप लगाए

वैशाली के हाजीपुर में क्षत्रिय समाज के एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने
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वैशाली के हाजीपुर में क्षत्रिय समाज के एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और संगठनात्मक ढांचे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

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    आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि जेडीयू में कुछ ऐसे नेता सक्रिय हैं जो पार्टी की विचारधारा या नेतृत्व के प्रति वफादार नहीं हैं, बल्कि अपने-अपने समूह बनाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे करीब 22 नेता हैं, जिनका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना नहीं बल्कि व्यक्तिगत लाभ लेना है।

    उन्होंने कहा कि राजनीति में भी अब कुछ लोग “गिरोह” की तरह काम कर रहे हैं, जिससे पार्टी की मूल भावना कमजोर हो रही है। उनके अनुसार, जेडीयू के शुरुआती दौर में सीमित लोग जुड़े थे, लेकिन अब पार्टी के मजबूत होने के बाद कई लोग केवल फायदा उठाने के लिए शामिल हो गए हैं।

    अपने भाषण में उन्होंने अपने परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि और संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने समाज और राजनीति के लिए कई कुर्बानियां दी हैं, और व्यक्तिगत संपत्ति तक का त्याग किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि समय के साथ परिवार की संपत्ति का बड़ा हिस्सा जनसेवा और राजनीतिक संघर्षों में खर्च हो गया।

    आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए दरभंगा एयरपोर्ट क्षेत्र की जमीन और संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग, जो पहले छोटे स्तर की राजनीति में भी प्रभावी नहीं थे, आज बड़े आर्थिक संसाधनों के मालिक बन गए हैं।

    उन्होंने जेडीयू में टिकट वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और चुनावी टिकट दिए गए हैं, जिनका संगठन के संघर्ष से कोई पुराना जुड़ाव नहीं रहा।

    राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि आनंद मोहन की नाराजगी का संबंध उनके बेटे चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से हो सकता है, हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है और जेडीयू नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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