Last updated: June 16th, 2026 at 02:37 pm

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा (BAS) से जुड़े अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए अधिसूचना जारी की है। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) की स्वीकृति के आधार पर बिहार प्रशासनिक सेवा के 14 वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS – बिहार कैडर) में पदोन्नति दी गई है।
यह पदोन्नति वर्ष 2025 की चयन सूची के तहत की गई है, जिसके बाद इन अधिकारियों को IAS कैडर आवंटित कर दिया गया है।
इन अधिकारियों को मिली IAS में प्रोन्नति
जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों को IAS कैडर का लाभ दिया गया है—
मृणायक दास (2016) – अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, पटना
मनोरंजन कुमार (2016) – निदेशक (प्रशासन), शिक्षा विभाग, पटना
विकास कुमार (2016) – अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (अतिरिक्त प्रभार: बिहार युवा आयोग)
डॉ. गगन (2016) – प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भंडार निगम
अंजनी कुमार (2016) – उप विकास आयुक्त-सह-सीईओ, जिला परिषद, पूर्णिया
मो. इजतबा हुसैन (2016) – संयुक्त सचिव, वित्त विभाग
रजनीश कुमार (2018) – अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग
विधु भूषण चौधरी (2016) – संयुक्त सचिव, IPRD
मो. वसीम अहमद (2017) – विशेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग
कृत्यानंद रंजन (2017) – संयुक्त सचिव, परिवहन विभाग
मो. राशिद आलम (2017) – जिला पंचायती राज पदाधिकारी, पटना
इबरार अहमद खां (2017) – सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
मनोज कुमार (2017) – संयुक्त सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
हेमंत कुमार सिंह (2017) – अपर सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
वर्तमान पदों पर जारी रहेगा कार्य
अधिसूचना के अनुसार, प्रोन्नत सभी अधिकारी अगले आदेश तक अपने वर्तमान पदों पर ही कार्यरत रहेंगे। इन पदों को अस्थायी रूप से IAS स्तर (संयुक्त सचिव स्तर) के रूप में मान्य किया गया है।
यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी के हस्ताक्षर से जारी हुआ है और इसकी प्रतिलिपि भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजी गई है।
वेतन निर्धारण के लिए विशेष विकल्प
अधिसूचना में वित्तीय प्रावधानों के तहत प्रोन्नत अधिकारियों को FR 22(I)(a)(1) नियम के अनुसार वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने के लिए एक माह का समय दिया गया है। इसके तहत अधिकारी अपनी पदोन्नति की तिथि से एक महीने के भीतर वेतन समायोजन का विकल्प दे सकेंगे, जिससे उन्हें पुराने वेतन वृद्धि लाभ का समुचित लाभ मिल सके।
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