Last updated: September 18th, 2026 at 08:20 am

पटना: बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी खींचतान तेज हो गई है। मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच जुबानी जंग जारी है। अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है।
विवाद के बीच अनंत सिंह ने नीरज कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपनी पूरी ताकत लगा लें, लेकिन चुनाव जीतकर दिखाएं। उन्होंने साफ किया कि वह जेडीयू के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि नीरज कुमार से उनके व्यक्तिगत मतभेद हैं। अनंत सिंह के मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने का फैसला किया है।
नीरज कुमार के बयान पर अनंत सिंह का पलटवार
दरअसल, नीरज कुमार ने विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को पोलिंग एजेंट मिलने में आने वाली परेशानियों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि अगर वह खुद निर्दलीय चुनाव लड़ते, तो उन्हें भी पोलिंग एजेंट मिलने में दिक्कत होती। उनके इस बयान को अनंत सिंह के समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है।
नीरज कुमार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार पहले भी कई बार उनका विरोध कर चुके हैं। अनंत सिंह ने यह भी दावा किया कि नीरज कुमार ने ललन सिंह के चुनाव का विरोध किया था।
‘चार बार मेरा विरोध कर चुके हैं नीरज कुमार’
अनंत सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नीरज कुमार ने उनका चार बार विरोध किया है। उन्होंने नीरज कुमार के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहले भी कई तरह की टिप्पणियां की गई थीं।
अनंत सिंह ने पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि नीरज कुमार ने कहा था कि अगर पार्टी किसी अपराधी को टिकट देती है, तो वह उसके लिए वोट नहीं मांगेंगे। अनंत सिंह ने ‘मोकामा की तकदीर पर टेटन’ वाले बयान का भी जिक्र किया।
AK-47 मामले में लगाए गंभीर आरोप
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाया कि उनके घर में AK-47 रखवाकर उन्हें जेल भिजवाया गया था। उन्होंने इस मामले को लेकर नीरज कुमार को नार्को टेस्ट कराने की चुनौती भी दी। अनंत सिंह ने कहा कि अगर उनके आरोप गलत हैं, तो दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाए।
हालांकि, घर में हथियार रखवाकर जेल भेजने से जुड़ा यह दावा अनंत सिंह का आरोप है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
निर्दलीय उम्मीदवार को जिताने का दावा
अनंत सिंह ने कहा कि वह पहले भी निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं और उन्हें चुनाव जीतने के लिए किसी पार्टी के चुनाव चिह्न की जरूरत नहीं है। उन्होंने डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने के पीछे भी यही तर्क दिया कि निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीत सकता है।
पटना स्नातक सीट को लेकर दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने जेडीयू की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव के दौरान अनंत सिंह के समर्थन का डॉ. अनुज सिंह को कितना फायदा मिलता है और नीरज कुमार इस चुनौती का किस तरह सामना करते हैं।
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