Last updated: October 4th, 2026 at 11:52 am

एशियन गेम्स में जब भारतीय खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतकर पोडियम पर खड़े होते हैं, तो उनके गले में चमकता स्वर्ण पदक हर किसी का ध्यान खींचता है। लेकिन क्या एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल वास्तव में पूरी तरह सोने का होता है? इसका जवाब है—नहीं।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स के मेडल को लेकर भी यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस चमकते हुए गोल्ड मेडल में असली सोना कितना है।
265 ग्राम के मेडल में सिर्फ 1 ग्राम सोना
एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल का कुल वजन करीब 265 ग्राम बताया गया है। हालांकि, इसमें शुद्ध सोने की मात्रा सिर्फ करीब 1 ग्राम होती है। यानी पूरे मेडल के वजन में असली सोने की हिस्सेदारी लगभग 0.38 प्रतिशत है।
मेडल का मुख्य हिस्सा दूसरी धातु से तैयार किया जाता है और उसके ऊपर सोने की पतली परत चढ़ाई जाती है। इसी वजह से मेडल देखने में पूरी तरह सुनहरे रंग का नजर आता है।
अंदर चांदी, ऊपर सोने की परत
मेडल तैयार करने के लिए करीब 264 ग्राम चांदी का इस्तेमाल किया जाता है। पहले चांदी से मेडल का आधार तैयार किया जाता है और फिर उसके ऊपर कम से कम 1 ग्राम शुद्ध सोने की परत चढ़ाई जाती है।
इसे गोल्ड प्लेटिंग कहा जाता है। यही पतली सोने की परत मेडल को चमकदार सुनहरा रूप देती है। मेडल का आकार भी काफी खास है। इसकी चौड़ाई करीब 80 मिलीमीटर और मोटाई लगभग 5 मिलीमीटर बताई गई है।
पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान से तैयार हुए मेडल
इस बार के एशियन गेम्स के मेडल की खास बात सिर्फ इसकी बनावट नहीं, बल्कि इसे तैयार करने की प्रक्रिया भी है। मेडल बनाने में रीसाइक्लिंग का इस्तेमाल किया गया है।
जापान में लोगों ने पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जमा कराया। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप और पुराने कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल थे। इन उपकरणों से कीमती धातुएं निकालकर उन्हें प्रोसेस किया गया और मेडल तैयार करने में इस्तेमाल किया गया।
इस तरह एशियन गेम्स के मेडल तैयार करने में रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
तो ‘गोल्ड मेडल’ क्यों कहलाता है?
गोल्ड मेडल का मतलब यह नहीं होता कि पूरा पदक 24 कैरेट सोने से बना है। इसकी पहचान मुख्य रूप से उसके स्वर्ण पदक के रूप में दिए जाने और उस पर सोने की परत के कारण होती है। यानी खिलाड़ी के गले में दिखने वाला चमकदार गोल्ड मेडल असल में पूरी तरह सोने का नहीं, बल्कि मुख्य रूप से दूसरी धातु से बना होता है, जिसके ऊपर सोने की परत चढ़ाई जाती है।
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