Last updated: April 29th, 2026 at 08:28 am

बिहार के भागलपुर जिले में हुए सनसनीखेज शूटआउट के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
मामला सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय का है, जहां नकाबपोश हमलावरों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए।
जांच के दौरान पुलिस को इस वारदात के पीछे रामधनी यादव का नाम सामने आया, जिसे इस हमले का मास्टरमाइंड बताया गया। बुधवार सुबह जब पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की, तो उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया, हालांकि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
इस पूरे घटनाक्रम पर जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस पर हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। इस बयान के बाद यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज हो सकती है।
घटना के बाद विपक्ष ने जहां सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे कानून व्यवस्था के प्रति अपनी सख्ती के तौर पर पेश कर रहा है। फिलहाल, इस पूरे मामले ने बिहार की सियासत और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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