Last updated: July 20th, 2026 at 08:35 am

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सत्ता पक्ष के दो विधायकों को सार्वजनिक रूप से अनुशासन का पालन करने की नसीहत देनी पड़ी। यह घटना उस समय हुई, जब अध्यक्ष दिवंगत नेताओं और अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पढ़ रहे थे।
शोक संदेश के दौरान सदन का वातावरण गंभीर था। इसी बीच अध्यक्ष की नजर भाजपा विधायक जनक सिंह और जेडीयू विधायक मनीष कुमार पर पड़ी, जो आपस में बातचीत कर रहे थे। इस पर स्पीकर ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों सदस्यों से बातचीत बंद करने और सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा।
प्रेम कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शोक प्रस्ताव जैसे गंभीर अवसर पर सभी सदस्यों को पूरी गंभीरता और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। अध्यक्ष की टिप्पणी के बाद दोनों विधायकों ने बातचीत बंद कर दी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी और शोक प्रस्ताव का पाठ पूरा किया गया।
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है, जो पांच दिनों तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई विधायी कार्यों को सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं, विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरा।
सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ऐसे में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं।
मानसून सत्र के पहले दिन स्पीकर प्रेम कुमार द्वारा सदन की मर्यादा और अनुशासन को लेकर दिया गया संदेश चर्चा का विषय बन गया। विधानसभा अध्यक्ष ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि संसदीय कार्यवाही के दौरान सभी सदस्यों से नियमों और सदन की गरिमा का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।
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