Last updated: July 22nd, 2026 at 08:48 am

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सदन से लगातार अनुपस्थिति को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधा। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायकों ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का सदन में मौजूद रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है और उनकी गैरहाजिरी कई सवाल खड़े कर रही है।
दरअसल, 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के बाद से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए हैं। इसे लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं ने सदन के भीतर और बाहर विपक्ष को घेरना शुरू कर दिया है।
भाजपा विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार की जनता जानना चाहती है कि आखिर नेता प्रतिपक्ष कहां हैं और राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं।
सत्ता पक्ष का कहना है कि विधानसभा का मानसून सत्र राज्य के लिए महत्वपूर्ण है और ऐसे समय में विपक्ष के शीर्ष नेताओं की अनुपस्थिति उचित नहीं मानी जा सकती। वहीं, विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव पिछले कुछ दिनों से बिहार से बाहर हैं और उनके विदेश दौरे पर होने की चर्चा है। दूसरी ओर, विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में दोनों सदनों में विपक्ष के शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।
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