Last updated: April 19th, 2026 at 06:59 am

Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक अहम बैठक में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने विधेयक के पास न होने पर नाराजगी जताई और विपक्षी दलों पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 20 अप्रैल को पूरे बिहार में ‘आक्रोश मार्च’ निकाला जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए महिलाएं अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगी और विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि “मातृ शक्ति के साथ धोखा किया गया है और इसका जवाब जनता जरूर देगी।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी दल इस विधेयक के गिरने पर जश्न मना रहे हैं, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। साथ ही चेतावनी दी कि आने वाले समय में उन्हें इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं इस पहल का समर्थन कर रही हैं और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम मानती हैं।
बैठक में ‘आक्रोश मार्च’ की रणनीति तैयार की गई और इसे राज्यव्यापी अभियान के रूप में सफल बनाने का संकल्प लिया गया। नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निर्णायक साबित होगा।
इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और गरमाने वाली है।
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