Last updated: April 19th, 2026 at 08:16 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है, और विश्वास मत से पहले सियासी बयानबाज़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। पटना स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष का रवैया निराशाजनक रहा है और इससे महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रमुख विपक्षी दलों ने मिलकर इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आगे बढ़ने से रोका, जबकि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही थी।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र नेतृत्व महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दल आम महिलाओं को राजनीति में आगे आने से रोकते हैं।
सीएम ने यह भी कहा कि अगर महिला आरक्षण लागू हो जाता, तो बिहार में महिला प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिलता। उनके मुताबिक, इससे विधानसभा और संसद में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती थी।
इस बीच भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी, ताकि लोगों के बीच इस विषय पर जागरूकता बढ़ाई जा सके और विपक्ष से जवाब मांगा जा सके।
इधर, 24 अप्रैल को प्रस्तावित बिहार विधानसभा के विशेष सत्र को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे। इस सत्र से पहले राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
कुल मिलाकर, बिहार की सियासत इस समय महिला आरक्षण के मुद्दे के इर्द-गिर्द घूम रही है, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह राजनीतिक बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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