Last updated: June 4th, 2026 at 06:52 am

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास, कृषि आधारित उद्योग और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कुल 13 अहम फैसलों पर सहमति बनी।
बैठक का सबसे प्रमुख निर्णय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना से जुड़ा रहा। सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा में वृद्धि कर दी है। अब पहले की तुलना में अधिक परिवार गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इस फैसले से राज्य के जरूरतमंद और मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सरकारी चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने की मंजूरी भी दी गई है। इससे चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से दरभंगा स्थित एम्स परियोजना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा मत्स्य पालन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए भोजपुर जिले में आधुनिक एक्वा पार्क स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।
डेयरी क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कैमूर जिले में दुग्ध उत्पादन एवं प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बक्सर में एक बड़े निजी औद्योगिक प्रोजेक्ट को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। साथ ही कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए मधुबनी में आधुनिक साइलो निर्माण परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित योजना के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इससे छोटे उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा।
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए औरंगाबाद जिले के नबीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत नए पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक सुधारों के तहत समाज कल्याण विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है। वहीं डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी नई सेवा नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक दक्षता को नई गति मिलेगी तथा आम लोगों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।
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