Last updated: June 4th, 2026 at 07:10 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में जनता दल (यूनाइटेड) के दो विधायकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मोकामा से विधायक अनंत सिंह और गोपालगंज के कुचायकोट से विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय से जुड़े मामलों की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपने हाथ में ले ली है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर CID ने इस मामले की गहन जांच के लिए दो डीएसपी रैंक अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम गोपालगंज जिले के कुचायकोट और मीरगंज थानों में दर्ज मामलों की जांच करेगी और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी।
जमीन कब्जे के आरोप में जांच
कुचायकोट थाने में दर्ज मामले में आरोप है कि करीब 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और विरोध करने वालों के साथ मारपीट व फायरिंग की घटनाएं हुईं। इस मामले में विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भाई और अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे CID जांच में शामिल किया गया है।
हथियार लहराने के वीडियो की जांच
दूसरा मामला मीरगंज थाने से जुड़ा है, जिसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर हथियार लहराने का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो के आधार पर मोकामा विधायक अनंत सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्र कर रही हैं।
कोर्ट और कानूनी प्रक्रिया
इसी मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर गोपालगंज एमपी-एमएलए कोर्ट ने पहले ही अंतरिम रोक लगा दी थी। कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट की अनुपलब्धता के कारण अगली सुनवाई तक राहत दी थी। वहीं, विधायक पप्पू पांडेय ने भी अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। कानूनी प्रक्रिया और उच्च न्यायालय के आदेशों के चलते मामले की स्थिति फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
CID जांच से बढ़ी सियासी हलचल
दोनों मामलों की CID जांच शुरू होने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसी अब सभी दस्तावेजों, साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल सभी की नजर CID जांच की प्रगति और आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए तथ्यों पर टिकी हुई है।
![]()
Comments are off for this post.