Last updated: July 6th, 2026 at 03:50 am
बिहार सरकार आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए 14 जुलाई से राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ शुरू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत उन शिकायतकर्ताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिनकी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर सुनवाई के बावजूद नहीं हो सका है। ऐसे मामलों की समीक्षा अब राज्य स्तर पर की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद भी शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होते। ऐसे मामलों को अब राज्य स्तर पर दोबारा जांचने और आवश्यक निर्देश जारी करने की व्यवस्था की गई है।
ऑनलाइन आवेदन के जरिए होगा पंजीकरण
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इच्छुक लोगों को सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान जिला स्तर पर दर्ज शिकायत का रेफरेंस नंबर और उससे जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त OTP के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र आवेदकों का चयन किया जाएगा। चयनित लोगों को कार्यक्रम की तिथि, समय और स्थान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
केवल अनसुलझे मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
यह व्यवस्था सिर्फ उन शिकायतों के लिए लागू होगी, जिनका जिला स्तर पर निस्तारण हो चुका है, लेकिन शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे मामलों की दोबारा समीक्षा कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत बनाना है। राज्य स्तर पर समीक्षा होने से जिला प्रशासन पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा। इससे लंबित मामलों और लापरवाही जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
14 जुलाई से होगी शुरुआत
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का पहला आयोजन 14 जुलाई को पटना में प्रस्तावित है। यदि यह पहल सफल रहती है, तो इसे बिहार में जन शिकायतों के समाधान और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
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