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10 तारीख तक पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश, सेवाओं में पारदर्शिता और उद्योग प्रक्रियाओं में सुधार पर जोर

बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट
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बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि हर हाल में पहुंच जानी चाहिए। किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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    लोक सेवक आवास में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन और अन्य लाभार्थी योजनाओं का समय पर लाभ मिलना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्रों में सेविकाओं, सहायिकाओं और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी तकनीक आधारित प्रणाली से की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता बेहतर होने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार होगा।

    इसके साथ ही उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने, कुपोषण से जुड़े मामलों जैसे स्टंटिंग और वेस्टिंग को कम करने तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने परवरिश योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त सहायता मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत सहयोग लेने की संभावनाओं को भी तलाशा जाए।

    एक अन्य उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश, उद्योग और व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों, उद्योगपतियों, स्टार्टअप और आम नागरिकों को लाइसेंस और अनुमोदन के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डिरेगुलेशन’ विषय पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्व-प्रमाणन, ऑनलाइन अनुमोदन और समयबद्ध सेवाओं की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि नागरिकों को तेज और आसान सेवाएं मिल सकें।

    उन्होंने यह भी कहा कि एक ही जानकारी को बार-बार अलग-अलग स्तरों पर मांगने की प्रथा खत्म की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग जनहित से जुड़े कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ पूरा करें, ताकि लोगों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

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