Last updated: June 16th, 2026 at 11:47 am

बिहार में चल रहे कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद के बीच राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर कोचिंग सेंटरों में हिंसा, मारपीट और अराजकता की घटनाएं नहीं रुकीं तो सरकार इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी, यहां तक कि उन्हें बंद करने पर भी विचार किया जा सकता है।
छपरा में मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों में बढ़ते विवादों को सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है और जल्द ही इनके लिए नई सख्त नियमावली लागू की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोचिंग संस्थानों का उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षा देना है, न कि विवाद और हिंसा का केंद्र बनना। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गुंडागर्दी या कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, मंत्री ने सारण जिला मुख्यालय छपरा में विभागीय अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें कोचिंग संस्थानों के संचालन, निगरानी और उनसे जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद उन्होंने दोहराया कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनका रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नई गाइडलाइन पर काम जारी है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा ताकि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे।
![]()
Comments are off for this post.