Last updated: November 1st, 2026 at 01:55 pm

बिहार में बेल्ट्रॉन के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग पर बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सासाराम में कर्मियों ने रोड मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान ऑपरेटरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें जल्द पूरी करने की अपील की।
यह मार्च संगठन के जिलाध्यक्ष राजू कुमार के नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन बेल्ट्रॉन के माध्यम से नियुक्त होने के कारण उन्हें नियमित राज्यकर्मियों जैसी सुविधाएं और सेवा सुरक्षा नहीं मिल रही हैं।
20 साल से राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग
डाटा एंट्री ऑपरेटरों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से राज्यकर्मी या स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग उठा रहे हैं। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मियों के मुताबिक, सरकारी कामकाज में लगातार योगदान देने के बाद भी उन्हें सम्मान, सुविधाओं और नौकरी की सुरक्षा के मामले में अनदेखी का सामना करना पड़ रहा है।
उनकी प्रमुख मांग है कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाल सभी डाटा एंट्री ऑपरेटरों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए, ताकि उन्हें भी सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं मिल सकें।
मोतिहारी में भी निकाला गया रोड मार्च
सासाराम के अलावा मोतिहारी में भी डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। यहां रोड मार्च की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार ने की। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार के डाटा एंट्री ऑपरेटर एकजुट होकर स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि करीब दो दशक से यह मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
15 नवंबर से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 15 नवंबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
कर्मियों ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है। अब देखना होगा कि डाटा एंट्री ऑपरेटरों की इस मांग पर बिहार सरकार क्या रुख अपनाती है।
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