Last updated: August 27th, 2026 at 07:51 am

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की आशंका के बीच बिहार सरकार ने गंडक नदी से जुड़े इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित रूप से गंडक नदी में अचानक तेज जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गंडक नदी को लेकर प्रशासन अलर्ट
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नेपाल की स्थिति और उसके बिहार पर संभावित असर पर चर्चा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
अधिकारियों को नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।
नेपाल के इन इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा
पूर्वानुमान के अनुसार नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ जिले गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में आते हैं और यहां फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। वहीं दोलखा और सिंधुपालचोक को कोसी कैचमेंट क्षेत्र में शामिल किया गया है।
नेपाल के ऊपरी इलाकों में भारी जलप्रवाह की स्थिति बनने पर बिहार की नदियों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसी वजह से गंडक नदी की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बिहार के इन जिलों में विशेष सतर्कता
गंडक नदी में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को स्थानीय स्तर पर लोगों को समय रहते सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।
गंडक बैराज और तटबंधों की होगी निगरानी
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के गेटों और संबंधित नहरों के जलप्रवाह पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों और अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के साथ तटबंधों और जल संसाधन से जुड़ी संरचनाओं की जांच करने को कहा गया है।
किसी भी तरह की क्षति या खतरे के संकेत मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
NDRF-SDRF की तैयारियां तेज
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF के संसाधनों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। गोपालगंज के लिए NDRF टीम भेजने की तैयारी है, जबकि मुजफ्फरपुर में टीम को स्टैंडबाय पर रखने की व्यवस्था की जा रही है। पश्चिमी चंपारण के बेतिया में भी NDRF की तैनाती को लेकर प्रक्रिया तेज की गई है।
जरूरत पड़ने पर SSB की ओर से QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
नाव और राहत शिविरों की भी व्यवस्था
सरकार ने संबंधित जिलों को संभावित प्रभावित इलाकों के लिए पहले से निकासी योजना तैयार रखने को कहा है। पर्याप्त नावों, राहत शिविरों, सुरक्षित स्थानों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि अगर जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होती है तो प्रभावित लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
सरकार की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जिलाधिकारियों को नियमित मीडिया ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने को कहा गया है।
फिलहाल प्रशासन संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ निगरानी कर रहा है। स्थिति के अनुसार NDRF-SDRF टीमों, नावों और अन्य राहत संसाधनों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सकता है।
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