Last updated: August 27th, 2026 at 09:12 am

पटना: बिहार में मौसमी इन्फ्लुएंजा H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राजधानी पटना में दो लोगों के संक्रमित पाए जाने की जानकारी सामने आई है। राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (RMRI) में हुई जांच में कंकड़बाग और अगमकुआं इलाके के मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। राहत की बात यह है कि दोनों मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
मामलों की पुष्टि के बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है।
कई राज्यों में बढ़ रहे मौसमी फ्लू के मामले
मौसमी बदलाव के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। केरल, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश और वातावरण में बढ़ी नमी के दौरान वायरल संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार किसी नए या अधिक खतरनाक म्यूटेशन की पुष्टि नहीं हुई है और संक्रमण को मौसमी इन्फ्लुएंजा से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
H1N1 के क्या हैं सामान्य लक्षण?
H1N1 संक्रमण होने पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी या सीने में भारीपन जैसी समस्या भी हो सकती है।
अगर बुखार कई दिनों तक बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या मरीज की हालत बिगड़ती महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
H1N1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से साफ-सफाई और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से नियमित रूप से साफ करें।
फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
बच्चों में लक्षण दिखने पर उन्हें स्कूल भेजने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों के आसपास विशेष सावधानी रखें।
फिलहाल पटना में सामने आए दोनों मामलों की स्थिति को देखते हुए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और सावधानी जरूरी है। लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
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