Last updated: August 22nd, 2026 at 12:32 pm

पटना: बिहार में हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही को कम करने के लिए भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में हाई डैम परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि इस योजना को लेकर केंद्र के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
जल समझौते और फरक्का बराज पर भी चर्चा
बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी के अनुसार, हाल में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ जल संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत में भारत-बांग्लादेश जल समझौते और फरक्का बराज से जुड़े विषय भी शामिल रहे।
मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे निर्णय लेने का भरोसा दिया है। जल समझौते के नवीनीकरण के समय राज्य में बाढ़ की समस्या और बिहार से जुड़े हितों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
जल्द शुरू हो सकती है प्रक्रिया
हाई डैम परियोजना को लेकर अगले एक से डेढ़ महीने में प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। प्रस्तावित बांध का उद्देश्य नेपाल की ओर से आने वाली नदियों के पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करना है। इससे उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ के खतरे को कम करने की उम्मीद है।
हालांकि, परियोजना की वास्तविक लागत, निर्माण की समयसीमा और अंतिम तकनीकी स्वरूप सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
बिहार जल संसाधन विभाग भी रहेगा शामिल
इस परियोजना में बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की भी भागीदारी प्रस्तावित है। विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की सहभागिता से परियोजना की योजना, तकनीकी पहलुओं और निर्माण प्रक्रिया में राज्य की जरूरतों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकेगा।
बिहार में लंबे समय से नेपाल से आने वाली नदियों और मानसून के दौरान बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की गंभीर समस्या बनी रहती है। ऐसे में हाई डैम परियोजना को बाढ़ नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि भारत और नेपाल के बीच इस परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
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