Last updated: October 15th, 2026 at 06:58 am

बिहार में बाढ़ और भारी बारिश से फसल बर्बाद होने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में 112.52 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की है। यह रकम अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के कारण आई बाढ़ से फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है।
4.57 लाख किसानों ने किया था आवेदन
कृषि विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया था। इनमें से 2,48,704 पात्र प्रभावित किसानों के बैंक खातों में पहली किस्त के तहत नहीं, बल्कि घोषित सहायता राशि के रूप में 112.52 करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं। शेष आवेदकों के मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दशहरा के बाद 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य बाढ़ से फसल का नुकसान झेलने वाले किसी भी पात्र किसान को अनुदान से वंचित नहीं रहने देना है। सरकार ने प्रभावित किसानों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया है, ताकि वे अगली खेती की तैयारी कर सकें।
किसानों को कितनी मिलेगी कृषि इनपुट अनुदान राशि?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल के प्रकार और खेती के क्षेत्र के आधार पर सहायता राशि निर्धारित की गई है।
– *असिंचित क्षेत्र:* 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
– *सिंचित क्षेत्र:* 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
– *शाश्वत या बहुवर्षीय फसल:* 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
इस आर्थिक मदद का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में सहायता देना है।
## कैसे चेक करें खाते में अनुदान आया या नहीं?
अगर आपने भी बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन किया है, तो अपने बैंक खाते की जांच करें। राशि ट्रांसफर होने की पुष्टि के लिए ये तरीके अपना सकते हैं:
1. अपने बैंक खाते की पासबुक अपडेट कराएं या बैंक के आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप में लेनदेन की जानकारी देखें।
2. बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए SMS की जांच करें।
3. बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल *DBT Agriculture Bihar* पर जाकर संबंधित योजना में आवेदन या भुगतान की स्थिति जांचें।
4. यदि भुगतान की जानकारी नहीं मिलती है, तो अपने बैंक या संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।
केवल आवेदन करने से अनुदान मिलना सुनिश्चित नहीं होता। भुगतान की स्थिति और पात्रता की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से करें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक PIN या खाते की गोपनीय जानकारी न दें।
किसानों की मदद के लिए विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान किसानों को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने बाढ़ के दौरान समन्वय बनाकर काम किया है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित किसानों को उनकी फसल क्षति के अनुसार सहायता मिल सके।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े थे।
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