Last updated: August 20th, 2026 at 09:47 am

बिहार में राज्य सरकार और राजभवन के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर नया प्रशासनिक विवाद सामने आया है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले तथा नई नियुक्तियों को लेकर नाराजगी जताई है।
राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि लोकभवन में तैनात किसी अधिकारी या कर्मचारी को दूसरी जगह स्थानांतरित करने अथवा किसी नए अधिकारी-कर्मचारी को यहां पदस्थ करने से पहले राज्यपाल को इसकी जानकारी देना जरूरी होगा।
राज्यपाल सचिवालय ने क्या कहा?
आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें लोकभवन में कार्यरत कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे सरकारी विभागों में भेजा गया है। वहीं, कुछ नए अधिकारियों और कर्मचारियों की लोकभवन में तैनाती भी की गई है।
राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी प्रस्ताव पर आदेश जारी करने से पहले उसे उचित माध्यम से राज्यपाल के संज्ञान में लाना अनिवार्य होगा।
किन तबादलों को लेकर जताई गई नाराजगी?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि राज्यपाल की आपत्ति किन अधिकारियों या कर्मचारियों के विशेष तबादले अथवा नियुक्ति से जुड़ी है। पिछले कुछ महीनों में लोकभवन में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती में बदलाव हुआ है।
3 अगस्त को बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा के अधिकारी संजय सिंह को लोकभवन में तैनात करने का आदेश जारी किया गया था। इससे पहले 8 जुलाई को लोकभवन में तैनात प्रधान आप्त सचिव नीरू पाठक का तबादला मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय में किया गया था। इसी दिन आशुलिपिक गोपाल कुमार को भी लोकभवन से हटाकर मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय भेजा गया था।
जून में भी हुए थे कई प्रशासनिक बदलाव
लोकभवन में तैनाती को लेकर जून में भी बदलाव किए गए थे। 18 जून को अंजु कुमारी और सत्यप्रकाश कुमार को मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय से स्थानांतरित कर राज्यपाल सचिवालय में तैनात किया गया था।
वहीं, 17 जून को राज्यपाल सचिवालय में अपर सचिव के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी नंदलाल आर्या का तबादला कर उन्हें बक्सर का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया था। 1 जून को आईएएस अधिकारी संजय कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग से स्थानांतरित कर लोकभवन में अपर सचिव के पद पर तैनात किया गया था।
कई नियुक्तियां राज्यपाल की मंजूरी से हुईं
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह भी है कि सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, इनमें से कई तबादले और नियुक्तियां राज्यपाल की अनुमति से ही की गई थीं। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्यपाल सचिवालय का ताजा आदेश किन विशेष तबादलों या नियुक्तियों को लेकर जारी किया गया है।
मार्च में बिहार के राज्यपाल बने थे हसनैन
सैयद अता हसनैन ने 14 मार्च 2026 को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन ने सेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
राज्यपाल सचिवालय के इस ताजा निर्देश के बाद बिहार के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि राज्य सरकार इस निर्देश पर क्या रुख अपनाती है और लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया में आगे क्या बदलाव देखने को मिलता है।
![]()
Comments are off for this post.